A Multi Disciplinary Approach To Vaastu Energy

LAL KITAB

लाल किताब


लाल किताब में शनि ग्रह

लाल किताब में शनि ग्रह को पापी ग्रहों का सरताज कहा जाता है। राहु और केतु दोनों इसके सेवक हैं। यदि यह तीनों ग्रह मिल जाये तो एक खतरनाक स्थिति बन जाया करती है। शनि शुक्र का प्रेमी और शुक्र इसकी प्रेमिका है। बुध अपनी आदत के अनुसार इन पापी ग्रहों के साथ मिलकर इनके जैसा ही बन जाया करता है। इसलिए यदि राहु, केतु शनि के सेवक हैं तो बुध, शुक्र शनि के मित्र हैं। अर्थात् शनि, राहु, केतु, बुध और शुक्र हर शरारत और फसाद की जड़ हो सकते हैं।

लाल किताब में शनि ग्रह का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कलियुग का न्यायाधीश कहा जाता है। वे परम दण्डाधिकारी हैं और मनुष्य को उसके पाप और बुरे कार्यों के अनुसार दंडित करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव के कारण ही भगवान गणेश के सिर कटा। भगवान राम को भी शनिदेव के कारण ही वनवास जाना पड़ा। महाभारत काल में पांडवों को जंगल में भटकना पड़ा, उज्जैन के राजा विक्रमादित्य को कष्ट झेलने पड़े, राजा हरिशचंद्र दर-दर भटके और राजा नल और रानी दमयंती को जीवन में दुःखों का सामना करना पड़ा था। शनि को सूर्य पुत्र कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष में शनि को क्रूर व पापी ग्रह कहा गया है लेकिन यह सर्वाधिक शुभ फलदायी ग्रह भी है। लाल किताब के अनुसार दशम और एकादश भाव शनि के भाव हैं। शनि को मकर और कुंभ दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। कुंडली के प्रथम भाव पर मेष राशि का आधिपत्य है और इस राशि में शनि नीच का होता है। शुभ योग होने पर इस भाव का शनि व्यक्ति को मालामाल कर देता है, जबकि अशुभ योग होने पर बर्बाद करके रख देता है। सप्तम भाव में राहु और केतु के होने पर शनि और भी अशुभ फलदायी हो जाता है। यदि दशम या एकादश भाव में सूर्य हो तो, मंगल व शुक्र भी अशुभ फल देने लगते हैं।

लाल किताब के अनुसार शनि ग्रह के कारकत्व

शनि को कर्म भाव का स्वामी कहा जाता है। यह सेवा और नौकरी का कारक होता है। काला रंग, काला धन, लोहा, लोहार, मिस्त्री, मशीन, कारखाना, कारीगर, मजदूर, चुनाई करने वाला, लोहे के औजार व सामान, जल्लाद, डाकू, चीर फाड़ करने वाला डॉक्टर, चालाक, तेज नज़र, चाचा, मछली, भैंस, भैंसा, मगरमच्छ, सांप, जादू, मंत्र, जीव हत्या, खजूर, अलताश का वृक्ष, लकड़ी, छाल, ईंट, सीमेंट, पत्थर, सूती, गोमेद, नशीली वस्तु, मांस, बाल, खाल, तेल, पेट्रोल, स्पिरिट, शराब, चना, उड़द, बादाम, नारियल, जूता, जुराब, चोट, हादसा यह सब शनि से संबंधित है।

शनि ग्रह का संबंध

शनि भैरों महाराज का प्रतीक और पापी ग्रहों के गिरोह का सरदार ग्रह है। काला धन, लोहा, तेल, शराब, मांस और मकान आदि शनि से संबंधित वस्तुएँ हैं। वहीं भैंस, सांप, मछली, मजदूर आदि शनि से संबंधित जीव हैं। शनि जिस पर प्रसन्न हो जाये उसे निहाल कर दे और अगर क्रोधी हो जाये तो बर्बाद कर दे।

शनि ग्रह के अशुभ होने के लक्षण

  • शनि के अशुभ प्रभाव से विवादों की वजह से भवन बिक जाता है।
  • मकान या भवन का हिस्सा गिर जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है।
  • अंगों के बाल तेजी से झड़ जाते हैं।
  • घर या दुकान में अचानक आग लग सकती है।
  • किसी भी प्रकार से धन और संपत्ति का नाश होने लगता है।
  • मनुष्य पराई स्त्री से संबंध रखकर बर्बाद हो जाता है।
  • जुआ-सट्टे की लत लगने से व्यक्ति कंगाल हो जाता है।
  • कानूनी या आपराधिक मामले में जेल हो जाती है।
  • शराब के अत्यधिक सेवन से व्यक्ति की सेहत खराब हो जाती है।
  • किसी हादसे में व्यक्ति अपंग हो सकता है।

लाल किताब में शनि ग्रह से जुड़े टोटके व उपाय

  • शनि की वक्र दृष्टि से बचने के लिए हनुमान जी की सेवा और प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
  • शनि की शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
  • तिल, उड़द, लोहा, भैंस, तेल, काले कपड़े, काली गाय और जूते भी दान में देना चाहिए।
  • मांगने वाले को लोहे का चिमटा, तवा, अंगीठी दान में देना चाहिए।
  • जातक मस्तक पर तेल की बजाय दूध या दही का तिलक लगाया करें तो अति लाभदायक होगा।
  • काले कुत्ते को रोटी खिलाना, पालना और उसकी सेवा करने से लाभ होगा।
  • मकान के अंत में अंधेरी कोठी शुभ होगी।
  • मछलियों को दाना या चावल डालना लाभकारी होता है।
  • चावल या बादाम बहते पानी में डालने से लाभ होगा।
  • शराब, मांस और अंडे से सख्त परहेज करें।
  • मशीनरी और शनि संबंधित अन्य वस्तुओं से लाभ होगा।
  • प्रतिदिन कौअे को रोटी खिलाएं।
  • दांत, नाक और कान सदैव साफ रखें।
  • अंधे, दिव्यांग, सेवकों और सफाईकर्मियों से अच्छा व्यवहार करें।
  • छाया पात्र दान करें यानि एक कटोरी या अन्य पात्र में सरसों का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में अपने पापों की क्षमा मांगते हुए रख आएं।
  • भूरे रंग की भैंस रखना लाभकारी होगी।
  • मजदूर, भैंस और मछली की सेवा से लाभ होगा।

शनि हर राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहता है, इसलिए जब शनि मंदा हो या जातक अपने कर्मों द्वारा उसे मंदा कर ले, तो शनि 3 राशियों को पार करने के समय में व्यक्ति को बहुत दुःख और परेशानी पहुंचाता है। इसी को साढ़े सात वर्ष की साढ़े साती कहा गया है। चूंकि शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है इसलिए तीन राशियों में यह कुल साढ़े सात वर्ष की अवधि गुजारता है। जब शनि चंद्र से प्रथम राशि में आता है तो साढ़े साती प्रारंभ होती है और जब चंद्र से अगली राशि में से निकलने के बाद शनि की साढ़े साती खत्म हो जाती है।

हम आशा करते हैं शनि ग्रह पर आधारित लाल किताब से संबंधित यह जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

 

शनि ग्रह का 12 भावों में फल लाल किताब के अनुसार

पढ़ें लाल किताब के अनुसार शनि ग्रह से संबंधित प्रभाव और उपाय। ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर व पापी ग्रह माना गया है। लाल किताब जो कि पूरी तरह से उपाय आधारित ज्योतिष पद्धति है। इसमें शनि ग्रह के विभिन्न भावों में फल और उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से व्याख्या की गई है।

लाल किताब के अनुसार शनि का पहले भाव में फल

Prediction for Saturn in First house in Hindi according to Lal Kitab

पहला घर सूर्य और मंगल ग्रह से प्रभावित होता है। पहले घर में शनि तभी अच्छे परिणाम देगा जब तीसरे, सातवें या दसवें घर में शनि के शत्रु ग्रह न हों। यदि, बुध या शुक्र, राहू या केतू, सातवें भाव में हों तो शनि हमेशा अच्छे परिणाम देगा। यदि शनि नीच का हो और जातक के शरीर में बाल अधिक हों तो जातक गरीब होगा। यदि जातक अपना जन्मदिन मनाता है तो बहुत बुरे परिणाम मिलेंगे हालांकि जातक दीर्घायु होगा।

उपाय:
(1) शराब और मांसाहारी भोजन से स्वयं को बचाएं।
(2) नौकरी और व्यवसाय में लाभ के लिए जमीन में सुरमा दफनायें।
(3) सुख और समृद्धि के लिए बंदरों की सेवा करें।
(4) बरगद के पेड़ की जड़ों पर मीठा दूध चढानें से शिक्षा और स्वास्थ्य में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। 

 

लाल किताब के अनुसार शनि का दूसरे भाव में फल

Prediction for Saturn in Second house in Hindi according to Lal Kitab

जातक बुद्धिमान, दयालु और न्यायकर्ता होगा। वह धन का आनंद लेगा और धार्मिक स्वभाव का होगा। भले ही शनि उच्च का हो या नीच का, यह नतीजा आठवें भाव में बैठे ग्रह पर निर्भर करेगा। जातक की वित्तीय स्थिति सातवें भाव में स्थित ग्रह पर निर्भर करेगी। परिवार में पुरुष सदस्यों की संख्या छठवें भाव और आयु आठवें भाव पर निर्भर करेगी। जब शनि इस भाव में नीच का हो तो शादी के बाद उसके ससुराल वाले परेशान होंगे।

उपाय:
(1) लगातार 43 दिनों तक नंगे पांव मंदिर जाएं।
(2) माथे पर दही या दूध का तिलक लगाएं।
(3) साँप को दूध पिलाए।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का तीसरे भाव में फल

Prediction for Saturn in Third house in Hindi according to Lal Kitab

इस घर में शनि अच्छा परिणाम देता है। यह घर मंगल ग्रह का पक्का घर है। जब केतु अपने इस घर को देखता है तो यहां बैठा शनि बहुत अच्छे परिणाम देता है। जातक स्वस्थ, बुद्धिमान और बहुत सरल स्वभाव का होता है। यदि जातक धनवान होगा तो उसके घर में पुरुष सदस्यों की संख्या कम होगी। गरीब होने की दशा में परिणाम उल्टा होगा। यदि जातक शराब और मांशाहार से दूर रहता है तो वह लम्बे और स्वस्थ जीवन का आनंद उठाएगा।

उपाय:
(1) तीन कुत्तों की सेवा करें।
(2) आँखों की दवाएं मुफ्त बांटें।
(3) घर में एक कमरे में हमेशा अंधेरा रखना बहुत फायदेमंद साबित होगा।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का चौथे भाव में फल

Prediction for Saturn in Fourth house in Hindi according to Lal Kitab

यह भाव चंद्रमा का घर होता है। इसलिए शनि इस भाव में मिलेजुले परिणाम देता है। जातक अपने माता पिता के प्रति समर्पित होगा और प्रेम मुहब्बत से रहने वाला होगा। जब कभी जातक बीमार होगा तो चंद्रमा से संबंधित चीजें फायदेमंद होंगी। जातक के परिवार से कोई व्यक्ति चिकित्सा विभाग से संबंधित होगा। जब शनि इस भाव में नीच का होकर स्थित हो तो शराब पीना, सांप मारना और रात के समय घर की नीव रखना जैसे काम बहुत बुरे परिणाम देते हैं। रात में दूध पीना भी अहितकर है।

उपाय:
(1) साँप को दूध पिलाएं अथवा दूध चावल किसी गाय या भैंस को खिलाएं।
(2) किसी कुएं में दूध डालें और रात में दूध न पियें।
(3) चलते पानी में रम डालें।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का पांचवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Fifth house in Hindi according to Lal Kitab

यह भाव सूर्य का घर होता है। जो शनि का शत्रु ग्रह है। जातक घमंडी होगा। जातक को 48 साल तक घर का निर्माण नहीं करना चाहिए, अन्यथा उसके बेटे को तकलीफ होगी। उसे अपने बेटे के बनवाए या खरीदे हुए घर में रहना चाहिए। जातक को अपने पैतृक घर में बृहस्पति और मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुएं रखनी चाहिए, इससे उसके बच्चों का भला होता है। यदि जातक के शरीर में बाल अधिक होंगे तो जातक बेईमान हो जाएगा।

उपाय:
(1) बेटे के जन्मदिन पर नमकीन चीजें बाटें।
(2) बादाम का एक हिस्सा मंदिर में बाटें और दूसरा हिस्सा लाकर घर में रख दें।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का छठें भाव में फल

Prediction for Saturn in Sixth house in Hindi according to Lal Kitab

यदि शनि ग्रह से संबंधित काम रात में किया जाय तो हमेशा लाभदायक परिणाम मिलेंगे। यदि शादी के 28 साल के बाद होगी तो अच्छे परिणाम मिलेंगे। यदि केतु अच्छी स्थित में हो जातक धन, लाभदायक यात्रओं और बच्चों के सुख का आनंद पाता है। यदि शनि नीच का हो तो शनि से सम्बंधित चीजें जैसे चमडा, लोहा आदि को लाना हानिकारक होता है, खासकर तब, जब शनि वर्षफल में छठवें भाव में हो।

उपाय:
(1) एक काला कुत्ता पालें और उसे भोजन करायें।
(2) नदी या बहते पानी में नारियल और बादाम बहाएं।
(3) सांप की सेवा बच्चों के कल्याण के लिए फायदेमंद साबित होगी।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का सातवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Seventh house in Hindi according to Lal Kitab

यह घर बुध और शुक्र से प्रभावित होता है, दोनो ही शनि के मित्र ग्रह हैं। इसलिए शनि इस घर में बहुत अच्छा परिणाम देता है। शनि से जुड़े व्यवसाय जैसे मशीनरी और लोहे का काम बहुत लाभदायक होगा। यदि जातक अपनी पत्नी से अच्छे संबंध रखता है तो वह अमीर और समृद्ध होगा और लंबी आयु के साथ अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेगा। यदि बृहस्पति पहले घर में हो तो सरकार से लाभ होगा। यदि जातक व्यभिचारी हो जाता है या शराब पीने लगता है तो शनि नीच और हानिकर हो जाता है। यदि जातक 22 साल के बाद शादी करता है तो उसकी दृष्टि पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है।

उपाय:
(1) किसी बांसुरी में चीनी भरें और किसी सुनसान जगह जैसे कि जंगल आदि में दफना दें।
(2) काली गाय की सेवा करें।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का आठवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Eighth house in Hindi according to Lal Kitab

आठवें घर में कोई भी ग्रह शुभ नहीं माना जाता है। जातक दीर्घायु होगा लेकिन उसके पिता की उम्र कम होती है और जातक के भाई एक-एक करके शत्रु बनते जाते हैं। यह घर शनि का मुख्यालय माना जाता है, लेकिन यदि बुध, राहू और केतु जातक की कुंडली में नीच के हैं तो शनि बुरा परिणाम देगा।

उपाय:
(1) अपने साथ चांदी का एक चौकोर टुकड़ा रखें।
(2) नहाते समय पानी में दूध डालें और किसी पत्थर या लकड़ी के आसन पर बैठ कर स्नान करें।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का नौवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Ninth house in Hindi according to Lal Kitab

जातक के तीन घर होंगे। जातक एक सफल यात्रा संचालक (टूर ऑपरेटर) या सिविल इंजीनियर होगा। वह एक लंबे और सुखी जीवन का आनंद लेगा साथ ही जातक के माता - पिता भी सुखी जीवन का आनंद लेंगे। यहां स्थित शनि जातक की तीन पीढ़ियों शनि के दुष्प्रभाव से बचाएगा। अगर जातक दूसरों की मदद करता है तो शनि ग्रह हमेशा अच्छे परिणाम देगा। जातक के एक बेटा होगा, हालांकि वह देर से पैदा होगा।

उपाय:
(1) बहते पानी में चावल या बादाम बहाएं।
(2) बृहस्पति से संबंधित (सोना, केसर) और चंद्रमा से संबंधित (चांदी, कपड़ा) का काम अच्छे परिणाम देंगे।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का दसवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Tenth house in Hindi according to Lal Kitab

यह शनि का अपना घर है, जहां शनि अच्छा परिणाम देगा। जातक तब तक धन और संपत्ति का आनंद लेता रहेगा, जब तक कि वह घर नहीं बनवाता। जातक महत्वाकांक्षी होगा और सरकार से लाभ का आनंद लेगा। जातक को चतुराई से काम लेना चाहिए और एक जगह बैठ कर काम करना चाहिए। तभी उसे शनि से लाभ और आनंद मिल पाएगा।

उपाय:
(1) प्रतिदिन मंदिर जाएं।
(2) शराब, मांस और अंडे से परहेज करें।
(3) दस अंधे लोगों को भोजन कराएं।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का ग्यारहवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Eleventh house in Hindi according to Lal Kitab

जातक के भाग्य का निर्धारण उसकी उम्र के अडतालीसवें वर्ष में होगा। जातक कभी भी निःसंतान नहीं रहेगा। जातक चतुराई और छल से पैसे कमाएगा। शनि ग्रह राहु और केतु की स्थिति के अनुसार अच्छा या बुरा परिणाम देगा।

उपाय:
(1) किसी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से पहले 43 दिनों तक तेल या शराब की बूंदें जमीन पर गिराएं। 
(2) शराब न पियें और अपना नैतिक चरित्र ठीक रखें।

 

लाल किताब के अनुसार शनि का बारहवें भाव में फल

Prediction for Saturn in Twelvth house in Hindi according to Lal Kitab

शनि इस घर में अच्छा परिणाम देता है। जातक के दुश्मन नहीं होंगे। उसके कई घर होंगे। उसके परिवार और व्यापार में वृद्धि होगी। वह बहुत अमीर हो जाएगा। हालांकि, यदि जातक शराब पिए, मांशाहार करे या अपने घर के अंधेरे कमरे में रोशनी करे तो शनि नीच का हो जाएगा।

उपाय:
(1) किसी काले कपड़े में बारह बादाम बांधकर उसे किसी लोहे के बर्तन में भरकर किसी अंधेरे कमरे में रखने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।

 

Er. Rameshwar Prasad invites you to the Wonderful World of Lal Kitab (Red Book).

Engineer Rameshwar Prasad

(B.Tech., M.Tech., P.G.D.C.A., P.G.D.M.)

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